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हर हेल्थी लगने वाला खाना स्वास्थयवर्धक नहीं होता

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आजकल कई लोग पौष्टिक आहार की तरफ ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं। ख़ासतौर पर अधिक तेल, मैदा जैसी चीज़ों से जितना हो सके परहेज़ करने की कोशिश में हैं। लेकिन विडंबना यह है कि हम इनकी जगह जिन चीज़ों को स्वास्थ्यवर्धक समझकर खाते हैं, वे असल में हमारी सेहत को पहले से ज़्यादा नुक़सान पहुंचा सकती हैं।

ज़्यादातर बिस्किट्स में मैदा, ताड़ का तेल, शक्कर और सोडियम अधिक होता है। प्रोसेस्ड स्नैक्स एलडीएल (ख़राब) कॉलेस्ट्रॉल के चलते हृदय रोग का ख़तरा बढ़ा सकते हैं।भुने हुए छोले, चने, मखाने या मुट्ठी भर मेवे खाएं।इनमें 2-4 चम्मच शक्कर, कृत्रिम स्वाद और स्टेबलाइज़र मौजूद होते हैं। अतिरिक्त शक्कर मेटाबॉलिक सिंड्रोम और हृदय रोग का ख़तरा बढ़ा सकती है।घर में दही बनाएं और मिठास के लिए उसमें ताज़े फल या थोड़ा शहद मिलाएं

फैट कम करने के लिए अक्सर शक्कर, स्टार्च और नमक मिलाया जाता है, जो रक्त शर्करा बढ़ा सकते हैं। मेवे, बीज या एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल जैसे प्राकृतिक फैट चुनें।

‘होल ग्रेन’ लेबल वाले अनाज भी शक्कर युक्त और प्रोसेस्ड हो सकते हैं। इनका उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स ब्लड शुगर को जल्दी बढ़ाकर फिर गिराता है, जिससे जल्दी भूख लगती है और मधुमेह या हृदय रोग का ख़तरा बढ़ता है। पकाए हुए ओट्स को फल, मेवे, बीजों के साथ खाएं।

अधिकतर पैकेज्ड स्नैक्स तेल में तले जाते हैं, उनमें सोडियम और प्रिज़र्वेटिव्स ज़्यादा होते हैं। ज़्यादा सोडियम रक्तचाप बढ़ाता है और स्ट्रोक या हृदय रोग का खतरा बढ़ा सकता है।घर में भुने मेवे, बिना नमक वाले बीज या हल्के मसाले वाले मुरमुरे।

Waqt 24
Author: Waqt 24

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सबसे ज्यादा पड़ गई

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यूपी, केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया। यूपी सरकार की तरफ से बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से अब तक की जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी। कहा- रिपोर्ट में जांच अधिकारियों के बारे में भी बताएं। कोर्ट ने मामले से जुड़े CCTV सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया। सरकार की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की जाएगी। इस पर कोर्ट ने साफ किया कि रिपोर्ट में SIT के गठन और उसकी संरचना की पूरी जानकारी होनी चाहिए। कोर्ट ने अगली सुनवाई 20 जुलाई को तय की। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच 4 अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाओं में जांच CBI को सौंपने के अलावा मंदिर में दान के प्रबंधन से जुड़े अलग-अलग विषयों की समीक्षा के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाने की मांग की गई है। इधर, राम मंदिर ट्रस्ट ने CEO की भर्ती के लिए आवेदन निकाले हैं। आवेदक की उम्र 50 से 70 साल के बीच होनी चाहिए। शैक्षिक योग्यता ग्रेजुएशन। आवेदन की अंतिम डेट 18 जुलाई 2026 शाम 4 बजे तक है। वहीं, अयोध्या पुलिस मामले में गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश करेगी। इनकी रिमांड आज खत्म हो रही है। इस दौरान पुलिस मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के करीबी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और चढ़ावा गिनती के प्रभारी रहे सुभाष श्रीवास्तव की 7 दिन की रिमांड मांग सकती है। इससे पहले, पुलिस ने आरोपी अविनाश, अनुकल्प, लवकुश और करुणेश को रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। चढ़ावा चोरी के आरोपियों को फैजाबाद जेल में अलग-अलग बैरक में रखा गया है।