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मोबाइल स्नेचिंग गैंग का किया पर्दाफाश, पावर बाइक से वारदात करते थे आरोपी

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सड़कों पर राहगीरों को मोबाइल छीनकर फरार होने वाले शातिर स्नैचरों पर पुलिस ने मोबाइल स्नेचिंग गैंग के आरोपी पकड़े। साइबर सेल, जिला विशेष टीम (DST), शिवदासपुरा, सांगानेर सदर और अशोक नगर थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कई मामलों का खुलासा किया है।

डीसीपी साउथ राजर्षि राज (IPS) ने बताया- थाना शिवदासपुरा क्षेत्र में 20 से 22 दिसंबर के बीच चलाए विशेष अभियान के दौरान मोबाइल स्नैचिंग के पांच मामलों का खुलासा किया। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पांच मोबाइल स्नैचरों को डिटेन कर पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। आरोपियों से 34 मोबाइल फोन, 2 पावर बाइक और 7 अन्य मोटरसाइकिलें बरामद की। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पावर बाइक से वारदात करते थे। जयपुर के अलग-अलग इलाकों में 20 से 25 मोबाइल स्नेचिंग की घटनाएं कर चुके हैं।

डीसीपी साउथ ने बताया- आरोपी नशे के लिए वारदात को अंजाम देते थे। आरोपी स्नैचिंग की वारदात से पहले दूसरे इलाकों से बाइक चोरी करते। लेकिन जहां से बाइक चोरी करते उस पर स्नैचिंग की वारदात को अंजाम ना देकर दूसरे अन्य इलाके में वारदात को अंजाम देते। डीसीपी साउथ ने उदाहरण देते हुए बताया कि जिस आरोपी को हमने पकड़ा उसने गाड़ी नॉर्थ इलाके से चोरी की फिर स्नैचिंग की वारदात दूसरी जगह की।

मामले में पुलिस ने मंडोर थाना फागी निवासी विकास हरिजन (20), सांगानेर निवासी अर्जुन हरिजन उर्फ बाबू (19), ग्राम महलां थाना मुकमपुरा निवासी महेश रैगर उर्फ पिंटू (2), थाना रेनवाल मांझी निवासी उदय वाल्मीकी (19) और सवाई माधोपुर हाल गोविंदपुरा सांगानेर निवासी सुरेश (19) को गिरफ्तार किया।

3 देसी कट्टे के साथ आरोपी गिरफ्तार डीसीपी साउथ राजर्षि राज (IPS) ने बताया- मोबाइल स्नेचिंग के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान मानसरोवर क्षेत्र में जिला विशेष टीम ने आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए एक आरोपी से 3 देसी कट्टे बरामद किए। मामले में इंद्रेश सैन उर्फ चिंटू को गिरफ्तार किया गया। इंद्रेश सेन नाई की दुकान चलाता है। देसी कट्टे अलीगढ़ से आए, इंद्रेश अलीगढ़ में किसी के संपर्क में था जिसने इसे ये उपलब्ध करवाए है। आरोपी का कहना है कि सहयोगी से विवाद था उस संबंध में मुकदमा भी चल रहा था। पनी सुरक्षा के लिए इसने देसी कट्टे खरीदे थे। हालांकि पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है कि यह सच कह रहा है या कहानी बना रहा है।

 

 

Waqt 24
Author: Waqt 24

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सबसे ज्यादा पड़ गई

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यूपी, केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया। यूपी सरकार की तरफ से बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से अब तक की जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी। कहा- रिपोर्ट में जांच अधिकारियों के बारे में भी बताएं। कोर्ट ने मामले से जुड़े CCTV सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया। सरकार की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की जाएगी। इस पर कोर्ट ने साफ किया कि रिपोर्ट में SIT के गठन और उसकी संरचना की पूरी जानकारी होनी चाहिए। कोर्ट ने अगली सुनवाई 20 जुलाई को तय की। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच 4 अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाओं में जांच CBI को सौंपने के अलावा मंदिर में दान के प्रबंधन से जुड़े अलग-अलग विषयों की समीक्षा के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाने की मांग की गई है। इधर, राम मंदिर ट्रस्ट ने CEO की भर्ती के लिए आवेदन निकाले हैं। आवेदक की उम्र 50 से 70 साल के बीच होनी चाहिए। शैक्षिक योग्यता ग्रेजुएशन। आवेदन की अंतिम डेट 18 जुलाई 2026 शाम 4 बजे तक है। वहीं, अयोध्या पुलिस मामले में गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश करेगी। इनकी रिमांड आज खत्म हो रही है। इस दौरान पुलिस मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के करीबी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और चढ़ावा गिनती के प्रभारी रहे सुभाष श्रीवास्तव की 7 दिन की रिमांड मांग सकती है। इससे पहले, पुलिस ने आरोपी अविनाश, अनुकल्प, लवकुश और करुणेश को रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। चढ़ावा चोरी के आरोपियों को फैजाबाद जेल में अलग-अलग बैरक में रखा गया है।