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ईरान का बड़ा अल्टीमेटम, बहरीन-दुबई पर हमलों की दी खुली धमकी

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मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब और खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। इजरायल और अमेरिका बनाम ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के बीच ईरान ने एक नई और सख्त चेतावनी जारी की है, जिसने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है।

ईरान ने साफ तौर पर बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात के होटल मालिकों को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर उनके होटलों में अमेरिकी सैन्यकर्मियों को ठहराया जाता है, तो ऐसे होटल वैध सैन्य लक्ष्य माने जाएंगे। यह जानकारी ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स की रिपोर्ट में सामने आई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, हालिया हमलों और ईरान समर्थित समूहों के संयुक्त अभियानों के बाद अमेरिकी सेना ने क्षेत्र के कई होटलों और नागरिक ठिकानों में शरण ली है। ईरान का कहना है कि जो भी प्रतिष्ठान विदेशी सैनिकों को पनाह देंगे, वे सीधे तौर पर हमले के दायरे में आ जाएंगे। यह चेतावनी तत्काल प्रभाव से लागू मानी जा रही है।

दूसरी ओर, शिन्हुआ की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी सैन्यकर्मी अब पारंपरिक सैन्य ठिकानों के बजाय नागरिक क्षेत्रों में मौजूद हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी गतिविधियों के कुछ प्रमुख स्थान इस प्रकार हैं:

  • बेरूत के पुराने एयरपोर्ट के पास लॉजिस्टिक बेस।
  • दमिश्क का रिपब्लिक पैलेस।
  • फोर सीजंस और शेरेटन जैसे लग्जरी होटल।
  • जिबूती इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जहां हाल ही में अमेरिकी मरीन तैनात किए गए।

बताया जा रहा है कि ये सैनिक इस्तांबुल और सोफिया के रास्ते जिबूती पहुंचे हैं।

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने पहले ही खाड़ी देशों को चेताया था। उनका आरोप है कि अमेरिकी सैनिक अपने सैन्य ठिकानों को छोड़कर नागरिक इलाकों में शरण ले रहे हैं और स्थानीय लोगों को मानव ढाल की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के तेहरान समेत कई शहरों पर संयुक्त हमला किया था। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई, कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मारे गए। इसके जवाब में ईरान ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण सख्त कर दिया।

Waqt 24
Author: Waqt 24

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