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मूवी रिव्यू: आप जैसा कोई

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ओह, आप कितनी लकी हैं कि आपका पति आपको नौकरी करने देते हैं। शाम को देर से आती हैं, तब भी कुछ नहीं कहते।’ यह बात हर शादीशुदा कामकाजी औरत ने कभी ना कभी सुनी होगी। ऐसे पति भी खुद को मॉडर्न सोच का रोलमॉडल समझते हैं, क्‍योंकि वे अपनी पत्नी को जॉब करने देते हैं। वहीं, बीवियां भी खुशी से फूले नहीं समातीं कि वे कितनी भाग्यवान हैं। बस, हैपी एंडिंग। लेकिन कोई यह नहीं पूछता कि आप होते कौन हैं किसी को काम करने देने के लिए इजाजत देने वाले? पति-पत्नी तो शादी की गाड़ी में दो पहिए होते हैं ना, तो दोनों बराबर क्यों नहीं? और यही जरूरी सवाल करती है, करण जौहर के बैनर की ताजातरीन फिल्म ‘आप जैसा कोई’। बराबरी वाला प्यार, जिसमें ‘जितने तुम उतनी मैं’ की पैरवी करती यह प्रेम कहानी समाज में पसरी पितृसत्तात्मक सोच पर तगड़ा चोट करती है।

कहानी जमशेदपुर के श्रीरेणु त्रिपाठी (आर माधवन) की है, जो 42 की उम्र में भी कुंवारे हैं। संस्कृत के अध्यापक श्रीरेणु के जीवन में कन्या का प्रवेश हो ही नहीं पा रहा। किसी लड़की को उनका नाम पसंद नहीं आता, तो किसी को उनका काम। ऐसे में, उनका बचपन का दोस्त दीपक (नमित दास) उनकी मुलाकात डेटिंग ऐप ‘आप जैसा कोई’ से करवा देता है। इस ऐप के जरिए श्रीरेणु एक कन्या से मीठी-मीठी बातें करते हैं, जिससे उनके उदासी भरे चेहरे पर मुस्कान तैरने लगती है। मगर चमत्कार तो तब होता है, जब कोलकाता की हसीन-जहीन मधु बोस (फातिमा सना शेख) उनकी जिंदगी में आती है।

इधर, श्रीरेणु की शादी होने वाली है। उसे खुद यकीन नहीं होता कि पियानो बजाने वाली, फ्रेंच पढ़ाने वाली मधु से उनका विवाह होगा। हालांकि, दोनों के परिवारों के बीच रहन-सहन और सोच में काफी अंतर है। श्रीरेणु का भाई अपनी पत्नी और बेटी के सपनों को जहां ढेलाभर भी महत्व नहीं देता, वहीं मधु के परिवार में औरतों-पुरुषों के साथ बैठकर शराब की चुस्कियां तक लेती हैं। सोच का यही अंतर श्रीरेणु और मधु के रिश्ते में भी दरार की वजह बनता है।

श्रीरेणु को जब पता चलता है कि उससे डेटिंग ऐप पर रोमांटिक बातें करने वाली लड़की कोई और नहीं बल्कि मधु ही थी, तो उसके भीतर का संकुचित सोच वाला मर्द यह बर्दाश्त नहीं कर पाता। वह तमतमा जाता है कि उसकी होने वाली पत्नी डेटिंग ऐप पर गैर मर्दों से रूमानी बातें करती थी। बेशक वह भी उस ऐप पर था। एक बार बहुत बड़ा दिल करके वह मधु को माफ भी कर देता है, यह कहकर कि वह उसे सबकुछ अलाऊ करेगा, पर लिमिट में! लेकिन मधु पलटकर पूछ लेती है- तुम क्यों तय करोगे मेरी लिमिट? अब यह प्रेम कहानी किस मुकाम पर पहुंचती है? यह जानने के लिए फिल्म देखनी होगी।

Waqt 24
Author: Waqt 24

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सबसे ज्यादा पड़ गई

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यूपी, केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया। यूपी सरकार की तरफ से बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से अब तक की जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी। कहा- रिपोर्ट में जांच अधिकारियों के बारे में भी बताएं। कोर्ट ने मामले से जुड़े CCTV सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया। सरकार की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की जाएगी। इस पर कोर्ट ने साफ किया कि रिपोर्ट में SIT के गठन और उसकी संरचना की पूरी जानकारी होनी चाहिए। कोर्ट ने अगली सुनवाई 20 जुलाई को तय की। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच 4 अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाओं में जांच CBI को सौंपने के अलावा मंदिर में दान के प्रबंधन से जुड़े अलग-अलग विषयों की समीक्षा के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाने की मांग की गई है। इधर, राम मंदिर ट्रस्ट ने CEO की भर्ती के लिए आवेदन निकाले हैं। आवेदक की उम्र 50 से 70 साल के बीच होनी चाहिए। शैक्षिक योग्यता ग्रेजुएशन। आवेदन की अंतिम डेट 18 जुलाई 2026 शाम 4 बजे तक है। वहीं, अयोध्या पुलिस मामले में गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश करेगी। इनकी रिमांड आज खत्म हो रही है। इस दौरान पुलिस मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के करीबी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और चढ़ावा गिनती के प्रभारी रहे सुभाष श्रीवास्तव की 7 दिन की रिमांड मांग सकती है। इससे पहले, पुलिस ने आरोपी अविनाश, अनुकल्प, लवकुश और करुणेश को रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। चढ़ावा चोरी के आरोपियों को फैजाबाद जेल में अलग-अलग बैरक में रखा गया है।