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जलभराव से यूनानी मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट्स परेशान

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यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ यूनानी यूसुफपुरा चराई टोंक में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को जलभराव के कारण बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल के मुख्य रास्ते पर घुटनों तक बारिश का पानी भर जाता है। इस समस्या से छात्रों को आवागमन में परेशानी हो रही है। नाला नहीं बनने, पास ही में बन रहे मेडिकल कॉलेज की सड़क का लेवल ऊंचा होने और जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई है।

कॉलेज प्रशासन लगातार जल निकासी की समस्या को लेकर शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है, जिससे बारिश के मौसम में उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। कॉलेज की इमारत को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है भवन की नींव में पानी पहुंचने से दीवारों में सीलन आ रही है कई जगह दीवारों में दरारें भी आ गई हैं। कॉलेज परिसर में निर्मित चिकित्सालय के नए भवन की नींव भी बैठने लगी है यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो कॉलेज भवन को स्थाई नुकसान हो सकता है, जिससे भविष्य में किसी बड़े नुकसान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद इरशाद खान के अनुसार, कॉलेज तक पहुंचने का यही एकमात्र रास्ता है। कॉलेज के मुख्य गेट के पास के नाला नहीं बनने के कारण कॉलेज के मेन गेट में बाहर और कॉलेज के अंदर जल भराव अत्यधिक हो जाने के कारण कॉलेज आने वाले स्टूडेंट्स की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। साफ कपड़ों में घर से निकलने वाले स्टूडेंट के कपड़े कीचड़ से खराब हो जाते हैं। इससे उनका पूरा दिन खराब हो जाता है और पढ़ाई पर भी असर पड़ता है।अत्यधिक जलभराव के कारण कॉलेज की बाउंड्रीवाल बंद भी डैमेज हो रही है। कॉलेज के बाहर सड़क का निर्माण कार्य भी अधूरा है जो अभी तक पूरा नहीं किया गया इससे भी समस्या और गंभीर हो रही है।

Waqt 24
Author: Waqt 24

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सबसे ज्यादा पड़ गई

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यूपी, केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया। यूपी सरकार की तरफ से बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से अब तक की जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी। कहा- रिपोर्ट में जांच अधिकारियों के बारे में भी बताएं। कोर्ट ने मामले से जुड़े CCTV सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया। सरकार की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की जाएगी। इस पर कोर्ट ने साफ किया कि रिपोर्ट में SIT के गठन और उसकी संरचना की पूरी जानकारी होनी चाहिए। कोर्ट ने अगली सुनवाई 20 जुलाई को तय की। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच 4 अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाओं में जांच CBI को सौंपने के अलावा मंदिर में दान के प्रबंधन से जुड़े अलग-अलग विषयों की समीक्षा के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाने की मांग की गई है। इधर, राम मंदिर ट्रस्ट ने CEO की भर्ती के लिए आवेदन निकाले हैं। आवेदक की उम्र 50 से 70 साल के बीच होनी चाहिए। शैक्षिक योग्यता ग्रेजुएशन। आवेदन की अंतिम डेट 18 जुलाई 2026 शाम 4 बजे तक है। वहीं, अयोध्या पुलिस मामले में गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश करेगी। इनकी रिमांड आज खत्म हो रही है। इस दौरान पुलिस मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के करीबी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और चढ़ावा गिनती के प्रभारी रहे सुभाष श्रीवास्तव की 7 दिन की रिमांड मांग सकती है। इससे पहले, पुलिस ने आरोपी अविनाश, अनुकल्प, लवकुश और करुणेश को रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। चढ़ावा चोरी के आरोपियों को फैजाबाद जेल में अलग-अलग बैरक में रखा गया है।