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मतदाताओं से बीएलओ घर-घर जाकर भरवाएंगे गणना प्रारूप

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मास्टर ट्रेनर्स को दिया विशेष गहन पुनरीक्षण प्रशिक्षण

टोंक। विधानसभा स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का विशेष गहन पुनरीक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को कृषि प्रशिक्षण केंद्र टोंक में आयोजित हुआ। इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) कल्पना अग्रवाल ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा फोटो युक्त मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) एवं अन्य निर्वाचन संबंधी कार्यों की तैयारियों को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन विभाग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2025 चलाया जा रहा है। निर्वाचन प्रक्रिया की सफलता के लिए निर्वाचन कर्मियों को प्रशिक्षित करना आवश्यक है।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामरतन सौकरिया ने बताया कि इनके द्वारा प्रशिक्षित बीएलओ मतदाताओं के घर-घर पहुंचकर गणना प्रारूप भरवाने का कार्य करेंगे। उन्होंने सभी मास्टर ट्रेनर्स को भारत निर्वाचन आयोग व मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय राजस्थान द्वारा समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों व जानकारियों से अपने आप को अपडेट रखने व सभी प्रकार के अक्सर पूछे जाने वाले सवालों (एफ ए क्यू) की जानकारी रखने के लिए कहा।
प्रशिक्षण प्रकोष्ठ प्रभारी अधिकारी सुरेश चौधरी ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में मालपुरा, निवाई, टोंक व देवली- उनियारा के 40 विधानसभा स्तरीय 10 ज़िला स्तरीय के मास्टर ट्रेनर्स व संबंधित इआरओ कार्यालय के अधिकारियों को विस्तृत प्रशिक्षण देकर उनकी क्षमता में अभिवृद्धिकरण का कार्य किया जा चुका है ताकि वे उनके विधानसभा में जाकर वहां के बीएलओ और सुपरवाइजर को उक्त कार्य हेतु प्रशिक्षित कर सके।
एसएलएमटी विमल कुमार जैन ने विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) में बीएलओ की भूमिका के बारे में प्रथम सत्र लिया जिसमें बीएलओ एप, ईसीआई नेट, वीएचए गणना प्रपत्र भरने की प्रक्रिया, प्रश्नोत्तरी व केस स्टेडी के माध्यम से शंकाओं का समाधान किया इस दौरान डीएलएम टी कृष्ण गोपाल शर्मा व महेश दाधीच ने संवैधानिक प्रवाधान, वैधानिक प्रावधान और बीएलओ की नियुक्ति के संबंध में सत्र लिया। इस दौरान जिला निर्वाचन कार्यालय से सावंत राम मीणा, विवेक मीणा,अतुल साहू, महावीर साहू, अधिराज सिंह उपस्थित रहे।

Waqt 24
Author: Waqt 24

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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यूपी, केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया। यूपी सरकार की तरफ से बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से अब तक की जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी। कहा- रिपोर्ट में जांच अधिकारियों के बारे में भी बताएं। कोर्ट ने मामले से जुड़े CCTV सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया। सरकार की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की जाएगी। इस पर कोर्ट ने साफ किया कि रिपोर्ट में SIT के गठन और उसकी संरचना की पूरी जानकारी होनी चाहिए। कोर्ट ने अगली सुनवाई 20 जुलाई को तय की। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच 4 अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाओं में जांच CBI को सौंपने के अलावा मंदिर में दान के प्रबंधन से जुड़े अलग-अलग विषयों की समीक्षा के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाने की मांग की गई है। इधर, राम मंदिर ट्रस्ट ने CEO की भर्ती के लिए आवेदन निकाले हैं। आवेदक की उम्र 50 से 70 साल के बीच होनी चाहिए। शैक्षिक योग्यता ग्रेजुएशन। आवेदन की अंतिम डेट 18 जुलाई 2026 शाम 4 बजे तक है। वहीं, अयोध्या पुलिस मामले में गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश करेगी। इनकी रिमांड आज खत्म हो रही है। इस दौरान पुलिस मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के करीबी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और चढ़ावा गिनती के प्रभारी रहे सुभाष श्रीवास्तव की 7 दिन की रिमांड मांग सकती है। इससे पहले, पुलिस ने आरोपी अविनाश, अनुकल्प, लवकुश और करुणेश को रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। चढ़ावा चोरी के आरोपियों को फैजाबाद जेल में अलग-अलग बैरक में रखा गया है।