best news portal development company in india

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी – जलुथरिया

SHARE:


टोंक। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार जलुथरिया ने कहा कि बालिका शिक्षा समाज की प्रगति का सबसे मजबूत स्तंभ है। एक शिक्षित बेटी न केवल परिवार, बल्कि पूरे समाज का भविष्य संवारती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दिनेश कुमार जलुथरिया ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टोंक एवं साहित्य मंच टोडारायसिंह के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय बग्गी खाना में एक विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम में अध्यक्ष पद से बोलते हुए कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। समाज में व्याप्त लैंगिक भेदभाव को खत्म करने के लिए हर व्यक्ति को आगे आना होगा। महिलाओं को कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना बेहद आवश्यक है।
सचिव जलुथरिया ने कन्या भ्रूण हत्या, पीसीपीएनडीटी एक्ट पूर्व गर्भधारण एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम, महिला अधिकारों और पॉक्सो एक्ट बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम संबंधी जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि इन कानूनों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा एवं सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना है। सचिव जलुथरिया ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिका शिक्षा के महत्व, महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान एवं पॉक्सो एक्ट जैसे गंभीर विषयों पर छात्राओं और महिला स्टाफ को जागरूक करना है। जलुथरिया ने कहा कि आज की बालिका कल का राष्ट्रनिर्माता है। उन्होंने छात्राओं को अपने अधिकारों की जानकारी रखने और किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में विधिक सहायता लेने की अपील की।
कार्यक्रम में भामाशाह ओमप्रकाश जैन बरवास के सहयोग से जरूरतमंद छात्राओं को चप्पलों का वितरण भी किया ताकि इस पहल द्वारा छात्राओं की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके और उन्हें प्रोत्साहित किया जा सके। कार्यक्रम में साहित्य मंच टोडारायसिंह के संयोजक शिवराज कुर्मी, विधिक सेवा प्रतिरक्षा अधिवक्ता बेणीप्रसाद गुर्जर, विद्यालय स्टाफ एवं पीएलवी हुकमचंद वर्मा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

Waqt 24
Author: Waqt 24

Leave a Comment