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आरतिया ने बनाया नववर्ष के लिए विजनरी एजेंडा

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जयपुर। अखिल राज्य ट्रेड एंड इंडस्ट्री एसोसिएशन आरतिया ने नव वर्ष  के लिए विजनरी एजेंडे का निर्धारण किया है। इसके लिए आरतिया की हाई-लेवल टास्क कमेटी की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक से पूर्व देश भर के उद्यमियों-कारोबारियों से संवाद कर राजस्थान के औद्योगिक-व्यावसायिक विकास को गति कैसे मिले, इस पर इनपुट लिया गया। उस इनपुट को इस बैठक में डिस्कस किया गया। बैठक में विष्णु भूत, कमल कंदोई, आशीष सर्राफ, जसवंत मील, प्रेम बियाणी, कैलाश शर्मा, अजय गुप्ता, ज्ञान प्रकाश, ओ पी राजपुरोहित, सज्जन सिंह, जितेेंद्र अग्रवाल, तरूण सारडा, दिनेश गुप्ता, सुनील बंसल, राजीव सिंहल, आयुष जैन, एच एम जौहरी समेत अनेक प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक में फिलहाल फोकस राजस्थान को देश में एक नंबर प्रांत बनाने संबंधित इनपुट्स पर किया गया। उल्लेखनीय है कि राजस्थान सरकार का संकल्प भी प्रदेश को एक नंबर प्रांत बनाने का है।
टीम आरतिया ने इसके लिए पांच सूत्री एजेंडे का निर्धारण किया है, जिन पर व्यापक तैयारियों के साथ काम किया जायेगा। पहला सूत्र है राजस्थान में निवेश का प्रवाह सुनिश्चित करने में सहयोग देना। आरतिया का कहना है कि 2023 में इनवेस्टमेंट राजस्थान, 2024 में राईजिंग राजस्थान और इस बार प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन के आयोजन से प्रदेश में निवेश के प्रति उत्सुकता बढ़ी है। प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन में जिस तरह प्रख्यात उद्यमी अनिल अग्रवाल ने राजस्थान सरकार की ओर से तमाम निवेश अवरोधों को दूर करने की गारंटी दी गई, उससे यह सिचुएशन विकसित हुई है और राजस्थान सरकार के प्रति निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। फिर जितने एमओयू हुए हैं, उन एमओयू करने वालों के साथ सरकार जिस तरह से फालो-अप कर रही है, वह भी सराहनीय है। टीम आरतिया का मानना है कि सरकार प्रदेश के सभी प्रमुख औद्योगिक-व्यापारिक संगठनों को समाहित कर निवेश लक्ष्यों की प्राप्ति को गतिशील करे तो बेहतर परिणाम मिल सकेंगें। इन संगठनों का निवेशकों से जो कनेक्ट है और खुद का जो अनुभव है, उसका लाभ निवेशकों को मिल सकेगा।
टीम आरतिया ने प्रदेश में छोटे दुकानदारों के साथ उपजी असहज स्थिति पर चिंता जताई और कहा कि संगठित कार्पोरेट रिटेल सैक्टर और आनलाईन शॉपिंग आपरेटर्स के कारण प्रदेश में खुदरा व्यवसायी के लिए अब जीवन यापन करना मुष्किल हो गया है। यह खुदरा व्यवसाय तो हमारी सांस्कृतिक विरासत है, इसे बचाने और बनाये रखने के लिए टीम आरतिया एक परफेक्ट रोड़-मैप के साथ काम करेगी। टीम आरतिया का मानना है कि राजस्थान और केंद्र सरकार की जितनी प्रमुख योजनाएं उद्योग-व्यापार जगत के लिए सुनिश्चित हैं, उनकी जानकारी संबंधित स्टेक होल्डर्स को दिलवाने के लिए माइक्रो लेवल पर टीम वर्क के जरिये काम करेगी।
आरतिया पदाधिकारियों का कहना है कि राजस्थान में जितनी वैरायटी का हस्तशिल्प है, दस्तकारी है वह राष्ट्रीय और ग्लोबल मार्केट तक पहुंचाने के लिए आरतिया सुनियोजित एक्शन प्लान के जरिये आगे बढ़ेगी और इन शिल्पकारो, दस्तकारों, कलाकारों और कारीगरों को को नेशनल और ग्लोबल मार्केट से कनेक्ट करवाने में सेतु का काम करेगी। एक अन्य एजेंडा यह है कि जन-संवेदनाओं, शिकायतों के निवारण के लिए अभी जो तंत्र संचालित है, वह और बेहतर कार्य-निष्पादन करेे यह सुनिश्चित करने के क्रम में टीम आरतिया सरकार से आग्रह करेगी कि जो अभाव-अभियोग विभाग प्रदेश स्तर पर बना रखा है, उसका विस्तार जिला स्तर पर भी हो, जहां इसका नोडल कार्यालय संचालित हो जो सभी विभागों से समन्वय कर पीड़ित आवेदक को एक निर्धारित समय सीमा जो अधिकतम एक माह रहे के भीतर राहत दिलाने व समस्या का समाधान करवाना सुनिश्चित करे।

 

Waqt 24
Author: Waqt 24

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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यूपी, केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया। यूपी सरकार की तरफ से बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से अब तक की जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी। कहा- रिपोर्ट में जांच अधिकारियों के बारे में भी बताएं। कोर्ट ने मामले से जुड़े CCTV सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया। सरकार की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की जाएगी। इस पर कोर्ट ने साफ किया कि रिपोर्ट में SIT के गठन और उसकी संरचना की पूरी जानकारी होनी चाहिए। कोर्ट ने अगली सुनवाई 20 जुलाई को तय की। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच 4 अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाओं में जांच CBI को सौंपने के अलावा मंदिर में दान के प्रबंधन से जुड़े अलग-अलग विषयों की समीक्षा के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाने की मांग की गई है। इधर, राम मंदिर ट्रस्ट ने CEO की भर्ती के लिए आवेदन निकाले हैं। आवेदक की उम्र 50 से 70 साल के बीच होनी चाहिए। शैक्षिक योग्यता ग्रेजुएशन। आवेदन की अंतिम डेट 18 जुलाई 2026 शाम 4 बजे तक है। वहीं, अयोध्या पुलिस मामले में गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश करेगी। इनकी रिमांड आज खत्म हो रही है। इस दौरान पुलिस मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के करीबी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और चढ़ावा गिनती के प्रभारी रहे सुभाष श्रीवास्तव की 7 दिन की रिमांड मांग सकती है। इससे पहले, पुलिस ने आरोपी अविनाश, अनुकल्प, लवकुश और करुणेश को रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। चढ़ावा चोरी के आरोपियों को फैजाबाद जेल में अलग-अलग बैरक में रखा गया है।