
टोंक में बनास महोत्सव एवं पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर काव्य का महासंगम हुआ। तिरंगे से ठहाकों तक, हर रस ने श्रोताओं को देर रोके रखा। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कवियों ने खूम समां बांधा। खचाखच भरे ऑडिटोरियम में तालियों की गूंज देर रात तक सुनाई देती रही।
तिरंगे पर कविता सुनाकर वेदव्रत वाजपेयी ने बांधा देशभक्ति का रंग
वीर रस के विख्यात कवि वेदव्रत वाजपेयी ने तिरंगे और देशभक्ति पर ओजस्वी कविता प्रस्तुत कर माहौल को राष्ट्रप्रेम से भर दिया। उनकी कविता पर श्रोताओं ने बार-बार तालियां बजाकर उत्साह जताया।
हास्य रस में डूबा सभागार, दिनेश देसी घी ने खूब गुदगुदाया
हास्य के धुरंधर कवि दिनेश देसी घी ने अपने हास्य रस से भरपूर काव्य पाठ से श्रोताओं को जमकर हंसाया। उन्होंने अपनी कविता के माध्यम से विदेशी संस्कृति को खतरनाक बताते हुए उसे न अपनाने का संदेश भी दिया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा।

