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बिजली के स्मार्ट मीटर के विरोध में कांग्रेस ने दिया ज्ञापन

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टोंक।जिला कांग्रेस कमेटी टोंक के जिलाध्यक्ष हरिप्रसाद बैरवा की अगुवाई में मंगलवार को स्मार्ट मीटर के खिलाफ जिला कलेक्ट्रेट टोंक में प्रदर्शन किया गया।तत्पश्चात मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर स्मार्ट मीटर योजना पर रोक लगाने की मांग की है ।
ज्ञापन में लिखा है कि स्मार्ट मीटर लगाने की 14 हजार करोड़ की योजना के व्यापक अस्वीकृति और इससे उत्पन्न हो रही जन समस्याओं की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान दिलाया गया है ।कांग्रेसियों का कहना है कि लोकतान्त्रिक देश में स्मार्ट मीटर योजना ईस्ट इंडिया कम्पनी के शासन के समान आमजन का शोषण है हाल के दिनों में जिले के नागरिकों , विशेषकर मध्यम वर्ग एवं निम्न आय वर्ग के उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर के कारण अत्यधिक बिलिंग , तकनीकी खामिया तथा स्मार्ट मीटर योजना को भविष्य में प्री – पेड मीटर रिचार्ज सुविधा में बदलने पर गरीब , बीपीएल परिवारों को गंभीर संकट उत्पन्न होगा ।
इतना ही नहीं गोपनीयता संबंधी चिंताओं को लेकर गंभीर आपत्तिया व्यक्त की जा रही है ।
ज्ञापन में।लिखा है कि विद्युत अधिनियम अनुसार मीटर परिवर्तन हेतु उपभोक्ता की अनुमति एवं सहमति आवश्यक है जबकि कंपनी द्वारा बिना किसी सूचना के अवैधानिक तरीके से स्थापित मीटर को मौके पर ही क्षतिग्रस्त करके नया स्मार्ट मीटर लगा दिया जाता है ।उपभोक्ता को पुराने मीटर की रीडिंग की जानकारी नहीं दी जाती है। उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर से प्राप्त बिल पारंपरिक मीटरों की तुलना में कहीं अधिक है . जिससे जनता पर आर्थिक भार बढ़ रहा है । वहीं बार – बार सर्वर डाउन होने , डेटा ट्रांसमिशन में त्रुटियों के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ रही है । निरंतर डेटा संग्रहण से नागरिकों की निजता खतरे में पड़ रही है , शिकायतों का समाधान न हो पाने से जनता में असुरक्षा की भावना व्याप्त है ।
टोंक जिला कांग्रेस कमेटी ने मांग की है कि स्मार्ट मीटर की अनिवार्य स्थापना पर तत्काल रोक लगाई जाए । मौजूदा शिकायतों की स्वतंत्र जाँच कराई जाए तथा गलत बिलों की धन वापसी सुनिश्चित की जाए । साथ ही पारंपरिक मीटर विकल्प को बनाए रखने की अनुमति दी जाए । इस योजना पर जनता के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की जाए । कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश भर में 143 करोड़ उपभोक्ताओं को 14 हजार करोड़ की लागत से लगाये जाने वाले स्मार्ट मीटर योजना टेक्स पेयर के पैसे का दुरूपयोग है । तकनीकी सुधार जनहित में होने चाहिए , न कि जनता के लिए अभिशाप बन कर रह जाएँ ।
ज्ञापन देने वालों में कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरिप्रसाद बैरवा,सोशल मीडिया प्रभारी जर्रार खान,मोहम्मद सलीम,यूसुफ यूनिवर्सल, अहसान बाबा,सीपी श्री वास्तव आदि शामिल थे।

Waqt 24
Author: Waqt 24

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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यूपी, केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया। यूपी सरकार की तरफ से बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से अब तक की जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी। कहा- रिपोर्ट में जांच अधिकारियों के बारे में भी बताएं। कोर्ट ने मामले से जुड़े CCTV सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया। सरकार की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की जाएगी। इस पर कोर्ट ने साफ किया कि रिपोर्ट में SIT के गठन और उसकी संरचना की पूरी जानकारी होनी चाहिए। कोर्ट ने अगली सुनवाई 20 जुलाई को तय की। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच 4 अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाओं में जांच CBI को सौंपने के अलावा मंदिर में दान के प्रबंधन से जुड़े अलग-अलग विषयों की समीक्षा के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाने की मांग की गई है। इधर, राम मंदिर ट्रस्ट ने CEO की भर्ती के लिए आवेदन निकाले हैं। आवेदक की उम्र 50 से 70 साल के बीच होनी चाहिए। शैक्षिक योग्यता ग्रेजुएशन। आवेदन की अंतिम डेट 18 जुलाई 2026 शाम 4 बजे तक है। वहीं, अयोध्या पुलिस मामले में गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश करेगी। इनकी रिमांड आज खत्म हो रही है। इस दौरान पुलिस मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के करीबी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और चढ़ावा गिनती के प्रभारी रहे सुभाष श्रीवास्तव की 7 दिन की रिमांड मांग सकती है। इससे पहले, पुलिस ने आरोपी अविनाश, अनुकल्प, लवकुश और करुणेश को रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। चढ़ावा चोरी के आरोपियों को फैजाबाद जेल में अलग-अलग बैरक में रखा गया है।