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बारिश में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स रखें सेफ:9 कारणों से जल्दी होते खराब, मानसून में 12 बातों का रखें ख्याल

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मानसून का मौसम जितना सुकून देने वाला होता है, उतनी ही चुनौतियां भी लेकर आता है। खासकर हमारे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के लिए। मोबाइल, लैपटॉप, टीवी, रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन जैसे डिवाइस नमी और पानी के संपर्क में आकर जल्दी खराब हो सकते हैं।

बारिश के दौरान बिजली की सप्लाई भी अनियमित रहती है, जिससे शॉर्ट सर्किट, फ्यूज उड़ना या सिस्टम क्रैश जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। कई बार हम अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो हमारे हजारों-लाखों रुपए के गैजेट्स को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

ओवरचार्जिंग रातभर फोन या लैपटॉप चार्जिंग को चार्जिंग पर लगाकर छोड़ने से बैटरी की लाइफ कम होती है, जिससे डिवाइस की परफॉर्मेंस पर असर पड़ता है।

गलत चार्जर का इस्तेमाल अगर आप लोकल चार्जर या गलत अडाप्टर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो इससे वोल्टेज कम-ज्यादा हो सकता है, जो शॉर्ट-सर्किट या परमानेंट डैमेज की वजह बन सकता है।

सॉकेट में कई गैजेट लगाना बारिश के दिनों में जब वोल्टेज में उतार-चढ़ाव होता है, उस वक्त एक ही पावर-स्ट्रिप या सॉकेट में कई डिवाइस जोड़ना रिस्की होता है। इससे अधिक लोड बढ़ने की वजह से शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ सकता है।

साफ-सफाई न करना डिवाइस के वेंटिलेशन एरिया (जैसे पंखा या एयर वेंट्स) में अगर धूल जमा हो जाए तो वो एयर फ्लो को रोकती है, जिससे डिवाइस ओवरहीट होता है और सिस्टम हैंग करने लगता है।

गीले हाथों से डिवाइस छूना अगर आपने हाथ पोंछे बिना ही मोबाइल या लैपटॉप उठाया, तो अंदर नमी पहुंच सकती है और डिवाइस खराब हो सकता है।

बारिश में डिवाइस को प्लग में छोड़ना बिजली की तेज आवाज या लाइटनिंग के समय अगर डिवाइस प्लग में लगा है, तो पावर सर्ज से उसका मदरबोर्ड जल सकता है। ऐसे वक्त में गैजेट को बंद करके प्लग से निकाल देना बेहतर होता है। बेहतर यह है कि ऐसे समय में डिवाइस को स्विच ऑफ कर दें।

सॉफ्टवेयर वॉर्निंग को इग्नोर करना स्मार्टफोन या लैपटॉप बार-बार कोई एरर या अपडेट वॉर्निंग दे रहा है, तो उसे नजरअंदाज न करें। ये अक्सर किसी गंभीर समस्या की ओर इशारा करते हैं। ऐसे में सर्विस सेंटर ले जाकर जांच कराएं।

Waqt 24
Author: Waqt 24

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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यूपी, केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया। यूपी सरकार की तरफ से बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से अब तक की जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी। कहा- रिपोर्ट में जांच अधिकारियों के बारे में भी बताएं। कोर्ट ने मामले से जुड़े CCTV सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया। सरकार की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की जाएगी। इस पर कोर्ट ने साफ किया कि रिपोर्ट में SIT के गठन और उसकी संरचना की पूरी जानकारी होनी चाहिए। कोर्ट ने अगली सुनवाई 20 जुलाई को तय की। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच 4 अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाओं में जांच CBI को सौंपने के अलावा मंदिर में दान के प्रबंधन से जुड़े अलग-अलग विषयों की समीक्षा के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाने की मांग की गई है। इधर, राम मंदिर ट्रस्ट ने CEO की भर्ती के लिए आवेदन निकाले हैं। आवेदक की उम्र 50 से 70 साल के बीच होनी चाहिए। शैक्षिक योग्यता ग्रेजुएशन। आवेदन की अंतिम डेट 18 जुलाई 2026 शाम 4 बजे तक है। वहीं, अयोध्या पुलिस मामले में गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश करेगी। इनकी रिमांड आज खत्म हो रही है। इस दौरान पुलिस मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के करीबी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और चढ़ावा गिनती के प्रभारी रहे सुभाष श्रीवास्तव की 7 दिन की रिमांड मांग सकती है। इससे पहले, पुलिस ने आरोपी अविनाश, अनुकल्प, लवकुश और करुणेश को रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। चढ़ावा चोरी के आरोपियों को फैजाबाद जेल में अलग-अलग बैरक में रखा गया है।