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जीवनशैली की कुछ आदतों में बदलाव करके आप अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रख सकते हैं

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बीमारियों पर नियंत्रण और बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए जीवनशैली का संतुलित और स्वास्थ्यवर्धक होना बेहद ज़रूरी है। कई बार कुछ आदतें बीमारियों को जन्म देती हैं, जबकि कुछ बीमारियों को बढ़ावा देती हैं। यदि हम इन आदतों को पहचान लें और समय पर उनमें बदलाव करें, तो स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार संभव है। जानते हैं कुछ आम बीमारियों और उनसे जुड़ी आदतों के बारे में, जिनमें बदलाव लाकर हम रोगों से बच सकते हैं।

रात को देर से भोजन करने से रक्त शर्करा का स्तर असंतुलित हो सकता है, जिससे शरीर में इंसुलिन का प्रभाव घटता है। इससे शुगर को नियंत्रण करना कठिन हो जाता है। बेहतर होगा कि रात का खाना आठ-नौ बजे तक खा लें। हल्का खाना ही खाएं। खाने के बाद कुछ देर टहलें

भोजन छोड़ना माइग्रेन के लक्षणों को बढ़ा सकता है। समय पर पोषण न मिलने से ब्लड शुगर का स्तर गिरता है और सिरदर्द बढ़ सकता है। नियमित और संतुलित भोजन माइग्रेन को काबू में रखने में सहायक होता है।

शारीरिक निष्क्रियता दिल की बीमारियों का बड़ा कारण है। नियमित व्यायाम न करने से मोटापा, उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। रोज़ाना कम से कम 30 मिनट हल्का या मध्यम व्यायाम ज़रूर करें। आप सैर भी कर सकते हैं।

बहुत तेज़ गति से खाना खाने से पेट की सुरक्षात्मक परत पर असर पड़ता है, जिससे जलन और गैस बनती है। भोजन को धीरे-धीरे और अच्छी तरह से चबाकर खाएं

पर्याप्त पानी न पीने से कब्ज़ और एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं ताकि पाचनक्रिया ठीक बनी रहे और उत्सर्जन आसानी से हो।

नमक का अधिक सेवन रक्तचाप बढ़ा सकता है। अतिरिक्त नमक शरीर में पानी रोकता है, जिससे दिल पर दबाव बढ़ता है। अत: नमक की अधिकता वाले प्रोसेस्ड और फास्ट फूड खाने से बचें और रोज़ाना कुल मिलाकर 5 ग्राम से ज़्यादा नमक का सेवन न करें। खाने पर ऊपर से नमक छिड़कने की आदत भी छोड़ें।

Waqt 24
Author: Waqt 24

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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यूपी, केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया। यूपी सरकार की तरफ से बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से अब तक की जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी। कहा- रिपोर्ट में जांच अधिकारियों के बारे में भी बताएं। कोर्ट ने मामले से जुड़े CCTV सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया। सरकार की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की जाएगी। इस पर कोर्ट ने साफ किया कि रिपोर्ट में SIT के गठन और उसकी संरचना की पूरी जानकारी होनी चाहिए। कोर्ट ने अगली सुनवाई 20 जुलाई को तय की। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच 4 अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाओं में जांच CBI को सौंपने के अलावा मंदिर में दान के प्रबंधन से जुड़े अलग-अलग विषयों की समीक्षा के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाने की मांग की गई है। इधर, राम मंदिर ट्रस्ट ने CEO की भर्ती के लिए आवेदन निकाले हैं। आवेदक की उम्र 50 से 70 साल के बीच होनी चाहिए। शैक्षिक योग्यता ग्रेजुएशन। आवेदन की अंतिम डेट 18 जुलाई 2026 शाम 4 बजे तक है। वहीं, अयोध्या पुलिस मामले में गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश करेगी। इनकी रिमांड आज खत्म हो रही है। इस दौरान पुलिस मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के करीबी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और चढ़ावा गिनती के प्रभारी रहे सुभाष श्रीवास्तव की 7 दिन की रिमांड मांग सकती है। इससे पहले, पुलिस ने आरोपी अविनाश, अनुकल्प, लवकुश और करुणेश को रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। चढ़ावा चोरी के आरोपियों को फैजाबाद जेल में अलग-अलग बैरक में रखा गया है।