दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा- भले ही सख्त कानून बने हों, लेकिन ऑफिस में महिलाओं के साथ सेक्सुअल हैरेसमेंट अभी भी हो रहा है। क्यों पुरुषों की सोच नहीं बदली है।
वर्क-प्लेस पर सेक्सुअल हैरेसमेंट का जम्मू-कश्मीर से जुड़े मामले में सुनवाई को दौरान जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा- एक महिला चाहे घर हो या ऑफिस हमेशा डर, शिष्टाचार और माफी के बीच जीती है
यह केस जम्मू-कश्मीर के एक सरकारी अधिकारी आसिफ हमीद खान से जुड़ा है। उसपर दिसंबर 2014 में एक महिला ने शिकायत दर्ज कर सेक्सुअल हैरेसमेंट और धमकी देने का आरोप लगाया था।
आसिफ हमीद खान ने हाईकोर्ट में अपील दायर करके कहा कि विभागीय जांच में उन्हें पहले ही बरी कर दिया गया है। इसके अलावा, पुलिस ने केस में क्लोजर रिपोर्ट भी दाखिल कर दी थी। इसके बावजूद ट्रायल कोर्ट ने उन्हें समन जारी कर दिया। खान ने इसी आदेश को चुनौती दी थी।

