अनंत चतुर्दशी पर शनिवार को जिला मुख्यालय सहित जिलेभर में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इससे पूर्व सुबह साढ़े 10 बजे से प्रतिमाए विर्सजन को लेकर बैंड-बाजों, ढोल-नगाडों और डीजे पर गणेश भजनों पर नाचते-गाते शोभायात्राएं निकाली गई।
मंदिर व मंडलों के अलावा परिवार व छोटे बच्चें भी कार, टैंपों और दुपहिया वाहनों में, वहीं कुछ पैदल ही छोटी-छोटी गणेशजी की प्रतिमाए लेकर जलाशयों पर पहुंचे और विधिवत पूजा-अर्चना के बाद भगवान गणपति की प्रतिमाओं का गणपती बप्पा मोरिया…अगले बरस जल्दी आना के जयकारों के साथ विसर्जित किया।
धर्मोत्थान सेवा समिति टोंक के तत्वावधान में आयोजित 11 दिवसीय 30वें श्री गणेश महोत्सव के तहत शाम को यज्ञ के बालाजी से 9 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा की शोभायात्रा रवाना हुई। शोभायात्रा के आगे-आगे बैंड धार्मिक भजनों की प्रस्तुतकर्ता आगे-आगे चलते दिखे। दर्शनों के लिए बाजार में जगह-जगह काफी भीड़ देखी गई।
समितियों ने निकाली शोभा यात्रा शोभायात्रा में समिति के सदस्यों द्वारा हस्तनिर्मित गणेश प्रतिमा की भव्य झांकी आकर्षण का केन्द्र रही। शोभायात्रा में मोदक प्रसाद भी वितरण किया गया। शोभायात्रा के साथ शहर के विनायक मित्र मडली कोली समाज, बाल समिति शिव मन्दिर अस्तल रोड़ छावनी, बैकुण्डेश्वर विनायक सेवा समिति चिड़ी का बाड़ी, शिव शंकर मित्र मंडल रामद्वारा पंचकुईयां पुरानी टोंक, शिव मंडल महावर समाज हीरा चौक पुरानी टोंक, शिव मित्र मंडल पुरानी टोंक, बजरंग दल सेवा समिति बनेठा, हनुमान मित्र मंडल खोजा बावड़ी, महावर नवयुवक मंडल मेहन्दवास गेट घंटाघर, विनायक मित्र मंडल सोलंगपुरा, रिद्धि-सिद्धि गजानन्द समिति शंकरपुरा चौराहा, कृष्णा मित्र मंडल जाल का कुंआ ने शोभा यात्रा निकाली।
वहीं राधा-कृष्ण मन्दिर रैगरों का मौहल्ला पुरानी टोंक, जय बजरंग सेवा समिति रामद्वारा रोड़ पुरानी टोंक, विनायक भक्त मंडल बाबा रामदेव मन्दिर के पास छावनी, लक्ष्मी नारायण मन्दिर सेवा समिति मालीयान मन्दिर पंचकुईयां दरवाजा, शिव मित्र मंडल पीपली वाला कुंआ टोंक, गणपति नवयुवक मंडल सोलंगपुरा चौराहा, शिव हनुमान मन्दिर सेवा समिति भीखापुरा, सती माता मन्दिर चिड़ी की बाड़ी, सर्वेश्वर महादेव सेवा समिति सरवराबाद, शिव सेना समिति कारीगरों की गली मैहन्दी बाग व विनायक मित्र मंडल पंचकुईयां पुरानी टोंक के साथ अपने प्रतिनिधि अपनी-अपनी प्रतिमाओं की झांकियों के साथ जुडते गए।
शोभायात्रा का मार्ग में धर्मावलम्बियों ने जगह-जगह स्वागत कर गणेशजी की प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना की। शोभायात्रा घंटाघर होते हुए चतुर्भज तालाब पहुंची, जहां महाआरती के बाद गणपति बप्पा मोरिया के जयघोष के साथ सभी गणेश प्रतिमाओं को विसर्जित किया गया।


