‘Congratulations! आप 10 हजार रुपए जमा कराने के बाद हमारे वैल्यूएबल कस्टमर बन गए हैं। लड़कियों के फोटो और रेट कार्ड वॉट्सऐप नंबर पर भेजे हैं। पसंद कर बताइए, आपको कैसी और किस उम्र की लड़की चाहिए। आप लोकेशन भेज दें, वहां लड़की भेज दी जाएगी। हमारी जान-पहचान के होटल में सर्विस लेंगे तो पुलिस का भी झंझट नहीं रहेगा।’
ऑनलाइन कॉल गर्ल बुक कराने के नाम पर हाई-प्रोफाइल लोगों को ठगने का ये खेल जयपुर में एक छोटे-से कमरे में चल रहा था। 25 साल का एक ग्रेजुएट युवक इसका मास्टरमाइंड निकला। उसने किराए के कमरे में एक कॉल सेंटर बनाकर अपनी ही तरह बेरोजगार लड़के-लड़कियों को नौकरी पर रखा था।
ये गैंग AI से सुंदर लड़कियों की तस्वीरें तैयार करती, फिर उन्हें ग्राहकों को भेजकर एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर ठगी को अंजाम देती। जयपुर में बैठकर गैंग ने 5 राज्यों के कई शहरों में अपना नेटवर्क फैला लिया था। सैकड़ों लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना चुकी थी।
जयपुर पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर चंदवाजी थाना क्षेत्र में कॉल सेंटर पर छापा मारकर 4 युवकों और 2 लड़कियों को पकड़ा था। इनमें एक लड़की नाबालिग थी। पुलिस जांच में सामने आया कि एस्कॉर्ट सर्विस गैंग का मास्टरमाइंड विकास यादव (25) है। वह कॉल गर्ल उपलब्ध कराने वाली वेबसाइट्स पर ऑनलाइन एस्कॉर्ट सर्विस का विज्ञापन देता था।
चंदवाजी थाना इंचार्ज हीरालाल सैनी ने बताया कि आरोपी राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों में भी ऑनलाइन विज्ञापन देता था, ताकि वहां के किसी शख्स को ठगी का शिकार बनाएं तो वह पुलिस कार्रवाई नहीं कर सके।


