जयपुर के रामगढ़ बांध पर रविवार को कृत्रिम बारिश कराने का प्रयास एक बार फिर असफल रहा। यहां कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा की मौजूदगी में वैज्ञानिकों ने तीन बार क्लाउड सीडिंग की कोशिश की। पहली बार ड्रोन को 900 मीटर की ऊंचाई तक भेजा गया। दूसरी बार 1000 फीट तक और तीसरी बार फिर 900 मीटर तक ड्रोन को बादलों की ओर भेजा गया। लेकिन बांध क्षेत्र में कोई बारिश नहीं हुई।
मंत्री किरोड़ी ने वैज्ञानिकों से क्लाउड सीडिंग की प्रक्रिया और परिणामों की जानकारी ली। इस दौरान किरोड़ी ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य रामगढ़ बांध को भरना है, जिससे जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल संकट से राहत मिल सके। कार्यक्रम में जमवारामगढ़ विधायक महेंद्र पाल मीणा भी मौजूद थे।
स्थानीय लोग और वैज्ञानिकों के अलग-अलग दावे
स्थानीय निवासी भैरूराम ने बताया- आज रामगढ़ में कृत्रिम की जानकारी लगी तो मौके पर पहुंचे थे। लेकिन कृत्रिम बारिश का कार्यक्रम एक होटल में रखा गया था। इसमें आम आदमी को एंट्री नहीं दी गई। इस दौरान तीन बार ड्रोन उड़ा लेकिन रामगढ़ बांध में कहीं बारिश नहीं हुई। बारिश तो तभी होगी जब भगवान चाहेगा। इस तरीके से बारिश इनके पूर्वजों ने भी की थी क्या?
वैज्ञानिकों का दावा है कि पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई, जिसका प्रभाव बांध के कैचमेंट एरिया में दिख सकता है।


