जयपुर के सांगानेर सदर थाना पुलिस ने 81 लाख 75 हजार रुपए की साइबर धोखाधड़ी का एक मामला दर्ज किया हैं। पीड़ित के वॉट्सऐप पर उसे एक ग्रुप से जोड़ा गया। ग्रुप में आए एक लिंक पर क्लिक करने के बाद उसे ट्रेडिंग एप डाउनलोड करवाया गया। ठगों ने पैसा डबल होने की गारंटी देकर उसका पैसा लगाया गया। पीड़ित की शिकायत पर सांगानेर सदर थाना पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ आईटी एक्ट की कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की हैं।
सांगानेर सदर सीआई और जांच अधिकारी अनिल कुमार ने बताया- पीड़ित रणजीत सिंह निवासी बालाजी विहार वाटिका रोड ने साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई है। रिपोर्ट में बताया कि वह जीनस कंपनी में डिप्टी मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। उसके वॉट्सऐप पर एक मैसेज आया, जिस पर क्लिक करने पर वह एक ऑनलाइन ट्रेडिंग एप के ग्रुप के साथ जुड़ गया।
कुछ दिनों में आरोपियों ने एप को डाउन लोड कर पैसा कमाने की नई-नई तरकीब बताई। पीड़ित की ओर से जल्द पैसा डबल करने लालच में आरोपियों को वह पैसा देता चला गया। कुछ समय बाद पीड़ित को बता चला कि उसके साथ ठगी हो रही है। पीड़ित ने जब पैसा वापस मांगा तो आरोपियों ने फोन बंद कर लिउ और उसे ब्लॉक कर ग्रुप से भी हटा दिया। पीड़ित की शिकायत के बाद अब थाने की साइबर टीम इस एफआईआर पर काम कर ही हैं।
साइबर क्राइम करने वाले लोग इस तरह से लोगों को पैसा डबल करने का लालच देकर अपने ग्रुप में जोड़ते हैं। ग्रुप के कुछ लोग जो ठगों के साथ मिले रहते हैं, वे लोग ग्रुप में उन्हें मिल रहे फायदों के बारे में बताते हैं। जिससे लोग इनके जाल में फंसकर अपना पैसा लगा देते हैं। पैसा मिलते ही ये लोग पीड़ित को ग्रुप से हटा कर अन्य शिकार की तलाश में निकल जाते हैं।

