टोंक की बनास नदी पर बन रहे ईसरदा बांध का मामला स्थाई लोक अदालत में पहुंच गया है। इस बांध का पानी टोंक को नहीं देकर सवाई माधोपुर और दौसा जिलों को देने के मामले में एक याचिका दायर की थी।
इस पर सुनवाई करते हुए मानकर राजस्थान सरकार और PHED विभाग को नोटिस भी जारी किए है । अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी। यह वाद टोंक के एडवोकेट आतिफ देशवाली और रईस अहमद के जरिए टोंक शहर के अब्दुल आतीक खां,परवेज रजा, साहिल देशवाली, अजमुलनिशा की ओर से गत दिनों 4 सितंबर को किया गया था। वही स्थाई लोक अदालत ने 20 सितंबर को राज्य सरकार और जलदाय विभाग को नोटिस जारी किया है।
इसमें एडवोकेट काशिफ जुबेरी और रईस अहमद ने इस वाद में बताया कि टोंक जिले में पेयजल का बड़ा स्रोत बीसलपुर से भी पर्याप्त पानी नहीं मिला पा रहा है । शहर में 48 घंटे में गर्मियों के दिनों में जलापूर्ति होती है। लोग धरना ,प्रदर्शन करते है। ऐसे पेयजल किल्लत से जुड़े कई अहम तथ्य भी पेश किए गए थे। इसके आधार पर अब टोंक की स्थाई लोक अदालत ने दायर किए वाद को सुनने योग्य मानते हुए राज्य सरकार और जलदाय विभाग को नोटिस जारी किया है।
दरअसल, दौसा और सवाईमाधोपुर ज़िले के 1256 गांवों और 6 शहरों की लाखों की आबादी की प्यास बुझाने के लिए करीब 1038 करोड़ की लागत से ईसरदा बांध का निर्माण कराया गया है। टोंक में बने बीसलपुर बांध के ओवरफ्लो पानी को बनास नदी में बने ईसरदा बांध में स्टोर किया जा रहा है।

