
सुप्रीम कोर्ट ने अहमदाबाद में हुए प्लेन क्रैश में पायलट की गलती को लेकर उठ रही चर्चाओं को अफसोसजनक बताया है। इसके लिए कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) से जवाब मांगा है।
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बैंच ने इस मामले में स्वतंत्र जांच करवाने की संभावना पर भी ध्यान दिया है। इसको लेकर एविएशन सुरक्षा NGO सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन ने PIL दायर की है।
इसमें आरोप लगाया गया है कि प्रारंभिक रिपोर्ट में जरूरी जानकारी छुपाई गई है और यह नागरिकों के जीवन, समानता और सही जानकारी पाने के अधिकार का उल्लंघन करती है।

