जयपुर कांग्रेस नेता गिरिराज खंडेलवाल ने कहा हे की जयपुर नगर निगम ने यह साबित कर दिया है कि उनके लिए जनता की जान की कोई कीमत नहीं, बस रेवेन्यू मायने रखता है। जिस शहर में ट्रैफिक पहले ही बेकाबू हो चुका है, वहां जानबूझकर ऐसे चलायमान विज्ञापन स्क्रीन लगाना एक सोची-समझी लापरवाही है।
रामबाग चौराहे जैसे सबसे व्यस्त इलाके में तीन-तीन डिजिटल स्क्रीन लगाकर आखिर नगर निगम क्या साबित करना चाहता है? क्या यह किसी बड़े हादसे का इंतजार है? पहले इन्हीं विज्ञापनों पर सुरक्षा कारणों से प्रतिबंध लगाया गया था, तो अब अचानक ऐसा क्या बदल गया कि जनता की सुरक्षा को ताक पर रख दिया गया?
ड्राइवर का ध्यान सड़क से हटाकर चमकती स्क्रीन पर ले जाना सीधे-सीधे दुर्घटनाओं को न्योता देना है। और जब हादसे होंगे, तो क्या नगर निगम जिम्मेदारी लेगा? या फिट्रैफिक पुलिस की NOC” का बहाना बनाकर अपनी जवाबदेही से भाग जाएगा?
यह फैसला नहीं, बल्कि एक खतरनाक खेल है — जिसमें दांव पर जयपुर की जनता की जान लगी है।
उन्होंने कहा सरकार को संज्ञान लेकर इन डिजिटल विज्ञापनों को तुरन्त बंद करना चाहिए

