गमगीन!
शायद नकवी कह रहे हैं मुझसे गलती क्या हुई?
और रविशंकर प्रसाद कह रहे हैं मुझे अपनी ही नहीं मालूम आपकी क्या बताऊं?
वाकई दोनों की सेवा में कभी कोई कमी नहीं रही।
अभी भी जो कहा जाता है करते हैं।
मगर मोदी जी ने दोनों को मुख्य धारा से बाहर क्यों कर रखा है यह किसी के समझ में नहीं आता है।

