राजस्थान में पिछले 2 साल में पुलिस कस्टडी में 20 मौतें हुई हैं। इनमें अधिकांश मौत का कारण तबीयत बिगड़ना बताया गया है। इनमें 5 की हार्ट अटैक से मौत हुई। वहीं, एक ने कुएं में कूदकर सुसाइड कर लिया था। बाकी 14 केसों की जांच पेंडिंग है।
पुलिस कस्टडी में होने वाली मौतों में अभी तक एक भी पुलिसकर्मी दोषी नहीं पाया गया है। कुछ मामलों में ड्यूटी पर तैनात संतरी की लापरवाही जरूर मानी गई है, जिसके चलते दो कॉन्स्टेबल को 17 सीसीए के नोटिस दिए गए हैं।
राजस्थान विधानसभा में विधायक रफीक खान की ओर से अगस्त-2023 से अगस्त-2025 तक पुलिस कस्टडी में मौत के संबंध में प्रश्न रखा गया था। इसके जबाव में पिछले 2 साल में पुलिस कस्टडी में 20 मौतें होना बताया गया है। इनमें से 14 मामले की जांच की जा रही है।
टोंक की देवली थाना पुलिस ने चोरी के एक मामले में उमराव मीणा को 15 फरवरी 2025 को अरेस्ट किया था। उससे पहले आरोपी उमराव मीणा टोंक जेल में बंद था। देवली पुलिस ने जेल में बंद उमराव मीणा (28) पुत्र बजरंग लाल निवासी घाड़ टोंक को प्रोडक्शन वारंट पर अरेस्ट किया था। पुलिस कस्टडी के दौरान अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई थी। उसे देवली राजकीय हॉस्पिटल भिजवाया गया था। इलाज के दौरान 16 फरवरी को उसकी मौत हो गई थी। जांच में उमराव मीणा की मौत पुरानी बीमारी और हार्ट अटैक से होना पाया गया था।

