
टोंक का स्थापना दिवस बुधवार को मनाया जाएगा। इस मौके पर कई कार्यक्रम आयोजित होंगे। टोंक महोत्सव समिति के अध्यक्ष सुजीत सिंघल ने बताया कि बुधवार को टोंक का 1080 वां स्थापना दिवस है। इस वर्ष महोत्सव की थीम ‘विकसित युवा-विकसित टोंक’ रखी गई है। इसके तहत अगले स्थापना दिवस तक समिति प्रत्येक महीने एक स्वास्थ्य मेले, एक खेलकूद प्रतियोगिता और युवाओं से जुड़े समसामयिक विषयों पर एक सेमिनार का आयोजन करेगी। टोंक स्थापना दिवस पर टोंक महोत्सव का आयोजन वर्ष 1990 से लेखक और इतिहासकार हनुमान प्रसाद सिंघल ने प्रारंभ किया था। वर्ष 1990 में इसके नियमित आयोजन के लिए टोंक महोत्सव समिति रजिस्टर्ड की गई। वो इसके आयोजन कराती रही है।
इस बार भी आयोजन होंगे। समिति के समन्वयक पुलकित सिंघल ने बताया कि टोंक शहर कई सभ्यताओं, परम्पराओं और मान्यताओं से गुजरा है। इस पर कभी सोलंकी का शासन रहा तो कभी रजिया सुल्तान की हुकूमत थी। बाद में अकबर का कब्जा रहा। तो कभी पृथ्वीराज चौहान का शासन रहा। होल्कर वंश की प्रसिद्ध महिला नेत्री अहिल्या देवी का भी टोंक पर आधिपत्य रहा। टोंक के पहले नवाब अमीर खां और उनके बाद के बहादुर शासकों का नाम आज तक इतिहास के स्वर्ण पृष्ठों में अंकित है। टोंक महोत्सव की शुरुआत इस वर्ष भी पुरानी टोंक स्थित लगभग 800 वर्ष प्राचीन गढ़ में पूजा अर्चना से होगी। हर साल की तरह इस बार भी हनुमान सिंह सोलंकी के नेतृत्व और निर्देशन में कार्यक्रम आयोजित होंगे।

