“100 वर्गगज व्यावसायिक व 300 वर्ग गज आवासीय तक टैक्स फ्री के बावजूद लाखों के नोटिस—गिरिराज खंडेलवाल
जयपुर।
राजधानी जयपुर में UD टैक्स के नाम पर जो खेल खेला गया है, उसने अब सरकार को पूरी तरह बैकफुट पर ला दिया है। नियम साफ कहते हैं कि 100 वर्गगज तक के व्यावसायिक व 300 वर्गगज भूखंड टैक्स से बाहर हैं, लेकिन नगर निगम और ठेके पर UD टैक्स वसूली कर रही कंपनी स्पैरो सॉफ्टेक प्रा. लि. ने मिलकर इन नियमों की धज्जियां उड़ा दीं।
नगर निगम जयपुर में नेता प्रतिपक्ष रहे गिरिराज खंडेलवाल ने इस पूरे मामले पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि संगठित लूट का मॉडल है, जिसमें स्पैरो सॉफ्टेक प्रा. लि. की भूमिका बेहद संदिग्ध और सवालों के घेरे में है।”
खंडेलवाल ने कहा कि 74 वर्गमीटर की छोटी दुकानों को 4.63 लाख रुपए तक के नोटिस थमाना और 90 वर्गगज के भूखंड को 500 वर्गगज बताकर टैक्स लगा उन्हें सीज़ करना यह कोई साधारण गलती नहीं बल्कि साफ-साफ फर्जीवाड़ा है, जो बिना मिलीभगत के संभव नहीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्पैरो सॉफ्टेक प्रा. लि. के अकुशल कर्मचारी गलत सर्वे और गणना कर रहे हैं, और आम नागरिकों को धमकाकर नोटिस थमा रहे हैं। इतना ही नहीं, कई मामलों में बिना सुनवाई सीधे दुकानों को सील करवा दिया गया, जिससे व्यापारियों और आम लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।
गिरिराज खंडेलवाल ने कहा कि “यह पूरी कार्रवाई कानून के तहत नहीं, बल्कि डर और दबाव बनाकर वसूली करने का तरीका बन चुकी थी—और इसमें स्पैरो कंपनी की भूमिका सबसे ज्यादा संदिग्ध है।”
जैसे-जैसे शिकायतें बढ़ीं और मामला तूल पकड़ने लगा, सरकार को खुद पीछे हटना पड़ा। स्वायत्त शासन विभाग द्वारा सीलिंग पर रोक लगाना इस बात का प्रमाण है कि सरकार अपनी ही व्यवस्था पर भरोसा खो चुकी थी और बैकफुट पर आ गई।
खंडेलवाल ने कहा कि “अगर सब कुछ सही होता, तो सरकार को इस तरह कदम पीछे नहीं खींचने पड़ते। यह स्पष्ट है कि नीचे स्तर पर भारी गड़बड़ी हुई है, जिसमें स्पैरो सॉफ्टेक प्रा. लि. की भूमिका की गहन जांच होनी चाहिए।”
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि स्पैरो सॉफ्टेक प्रा. लि. के कॉन्ट्रैक्ट की तुरंत जांच और समीक्षा हो सभी गलत नोटिसों को रद्द कर जो सीज किए है उन्हें त्वरित खोला जाए
साथ ही दोषी अधिकारियों और कंपनी पर सख्त कार्रवाई की जाए
गिरिराज खंडेलवाल ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस “UD टैक्स लूट” पर रोक नहीं लगी, तो आमजन के साथ मिलकर बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा और इस पूरे मामले को प्रदेश स्तर पर उजागर किया जाएगा।
इस पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक कैलाश शर्मा ने कहा की दरअसल सरकार के काम में निजी कंपनियों कीइस लेवल तक घुसपैठ देश की अस्मिता के साथ खिलवाड़ है जरूरत इस बात की है कि यूडी टैक्स ही समाप्त होन रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी नगर निगम विभिन्न स्रोतों के जरिए इतना कमा रही है कि अंत नहीं अतः जो मिल रहा है उसका सदुपयोग हो यूडी टैक्स समाप्त हो निजी क्षेत्र के जरिए
टैक्स वसूली अपराधिक कृत्य है यह बंद हो
उन्होंने कहा की जब सरकार दस तरह के टैक्स लेती है बिजली बिल के साथ सफाई का पैसा लेती है फिर कचरा संग्रहण शुल्क अलगइसके बाद यह यूडी टैक्स किस बात काबंद होना चाहिए

