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बीसलपुर बांध का एक गेट खोल करके बनास नदी में छोडा पानी

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जिले के देवली- उनियारा विधायक राजेन्द्र गुर्जर ने जिला प्रमुख सरोज बंसल ,जिला कलक्टर कल्पना अग्रवाल एवं पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा की मौजूदगी में खोला गेट
टोंक। जिले के बीसलपुर बांध से देवली- उनियारा विधायक राजेन्द्र गुर्जर ने जिला प्रमुख सरोज बंसल एवं जिला कलक्टर कल्पना अग्रवाल एवं जिला पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा की मौजूदगी में विधिपूर्वक पूजा अर्चना के बाद बृहस्पतिवार की शाम को एक गेट खोल करके ओवरफ्लो पानी बनास नदी में छोडा । बांध के एक गेट से छह हजार क्यूसेक पानी छोडा जा रहा है।
राज्य की राजधानी जयपुर सहित अन्य शहरों की लाइफ लाइन कहे जाने वाले बीसलपुर बांध से निर्माण के बाद गुरुवार को आठवी बार ओवरफ्लो पानी बनास नदी में छोडा गया है। यह पहला मौका है कि बांध से पानी बनास नदी में जुलाई महिने में छोडा गया है नही तो अब तक अगस्त तथा एक बार सितम्बर महिने में बांध से पानी बनास नदी में छोडा गया था। बनास नदी में गुरुवार को बीसलपुर बांध का गेट नंबर दस को खोल करके छह हजार क्यूसेक पानी छोडा जा रहा है।
बीसलपुर बांध के कैचमेंट एरिया में विगत दिनों में अच्छी बारिश होने के कारण निरंतर पानी की आवक होने से गुरुवार को बांध की भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर पर पहुंचने के बाद सायं 4 बजकर 56 मिनट पर बीसलपुर बांध के गेट नंबर 10 को 1 मीटर खोलकर 6000 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। जिस दौरान देवली-उनियारा विधायक राजेंद्र गुर्जर, जिला प्रमुख सरोज बंसल, पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा, देवली प्रधान बनवारी लाल जाट, उप जिला प्रमुख आदेश कंवर, जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान, देवली प्रधान समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे। सभी ने विधिवत रूप से पूजा अर्चना करने के पश्चात स्काडा सिस्टम के तहत कम्प्यूटराइज्ड तरीके से गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू की।
जिला कलक्टर कल्पना अग्रवाल ने कहा कि बीसलपुर बांध पेयजल की दृष्टि से जयपुर, अजमेर एवं टोंक जिले के लोगों के लिए लाइफ लाइन है। बीसलपुर समेत जिले के लघु, वृहद एवं मध्यम बांधों में पानी की अच्छी आवक होने से लोगों को पेयजल एवं सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिल सकेगा। क्षेत्र में अच्छी फसल का उत्पादन होगा।
जिला कलक्टर कल्पना अग्रवाल ने आमजन से अपील की है कि वह नदी के बहाव क्षेत्र में नहीं जाएं। बीसलपुर बांध के अधीक्षण अभियंता प्रहलाद राय खोईवाल ने बताया कि बीसलपुर बांध के गेट नंबर 10 को एक मीटर खोलकर लगभग 6000 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। यह निकासी बांध में पानी की आवक के अनुरूप ही की जा रही है। इसके बाद समय-समय पर पानी की आवक के आधार पर निकासी या गेट बंद करने का निर्णय लिया जाएगा।
अधिशाषी अभियंता मनीष बंसल ने बताया कि बांध में पानी की आवक को देखते हुए गुरुवार की शाम को गेट खोला गया । इससे पहले यह 6 बार अगस्त माह में और 7 वीं बार गत साल सितंबर माह में खुला था । उधर इसके ओवरफ्लो होने से नहरी क्षेत्र से लाभान्वित करीब 3 लाख किसानों समेत टोंक , अजमेर और जयपुर के 1 करोड़ सेअधिक लोगों को पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि टोंक जिले में सिंचाई के लिए 8टीएमसी पानी ,पेयजल के लिए 16.2 टीएमसी पानी आरक्षित है। इसके अलावा 8.15 टीएमसी वाष्पीकरण व अन्य खर्च माना गया है । उन्होंने बताया कि पेयजल टोंक , अजमेर , जयपुर जिलों में पेयजल के लिए रोजाना करीब साढ़े नौ सौ से एक हजार एमएलडी पानी इस बांध से जाता है । इससे तीनों जिलों के करीब दो हजार शहर , गांवों की करीब एक करोड़ से ज्यादा आबादी को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है ।बंसल ने बताया कि बीसलपुर बांध के निर्माण के साथ ही इसके नहरी तंत्र का निर्माण भी 2004 में पूरा हुआ था । टोंक जिले में सिंचाई के लिए बांध की दायीं व बायीं दो मुख्य नहरें हैं । दायीं नहर की कुल लंबाई 51 किलोमीटर व बायीं की लंबाई 18.65 किलोमीटर है । जिनसे जिले की 81 हजार 800 हेक्टेयर भूमि सिंचित होती है। दायीं मुख्य नहर से 69 हजार 393 हेक्टेयर व बायीं से 12 हजार 407 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई कार्य होता है ।

Waqt 24
Author: Waqt 24

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