झालावाड़ जेल से 42 दिन बाद शनिवार को रिहा हुए नरेश मीणा ने कहा- मैं बच्चों को न्याय दिलाने के लिए धरने पर बैठा था। मुझे कई धाराओं में फंसा कर सवा महीने जेल में रखा, मुझे जिस नेता ने जेल में भेजा और जिस दिन उसका पता लग गया तो उससे समय आने पर गिन-गिन कर हिसाब लूंगा। वो दिन जरूर आएगा, जिस दिन हिसाब बराबर करूंगा।
दरअसल, झालावाड़ में हुए स्कूल हादसे के विरोध में मृतक आश्रितों और घायलों को आर्थिक मदद देने की मांग को लेकर नरेश मीणा ने प्रदर्शन किया था। 25 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था।
नरेश मीणा को दो दिन पहले हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। जमानत की आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद झालावाड़ जेल प्रशासन ने नरेश मीणा को आज(शनिवार) शाम 5.50 बजे रिहा कर दिया।
जेल के बाहर खड़े समर्थकों ने नरेश मीणा के पक्ष में नारेबाजी की। बाद में वे समर्थकों के साथ बारां के लिए रवाना हो गए।


